छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

अत्यन्त घृणा की दृष्टि से देखता था परन्तु साथ ही इस बात का भी यत्न करता था कि वे खुले रूप से इसके शत्रु न बन जायें। औरंगजेब हिन्दू राजाओं को प्रायः ऐसे स्थानों में भेजा करता था जहां से उनके जीते जी आने की आशा नहीं रहती थी। इसके सिवा एक और अविश्वास

90 छत्रपति शिवाजी

मनहानि की गई। राजा जयसिंह दक्षिण की लड़ाई से लौट कर न आ सके अर्थात् रास्ते ही में मर गये। अब एक और राजपूत वीर की बारी आई कि वह औरंगजेब के हाथ लगे तथा उसके


286 of 401

अत्यन्त घृणा की दृष्टि से देखता था परन्तु साथ ही इस बात का भी यत्न करता था कि वे खुले रूप से इसके शत्रु न बन जायें। औरंगजेब हिन्दू राजाओं को प्रायः ऐसे स्थानों में भेजा करता था जहां से उनके जीते जी आने की आशा नहीं रहती थी। इसके सिवा एक और अविश्वास

90 छत्रपति शिवाजी

मनहानि की गई। राजा जयसिंह दक्षिण की लड़ाई से लौट कर न आ सके अर्थात् रास्ते ही में मर गये। अब एक और राजपूत वीर की बारी आई कि वह औरंगजेब के हाथ लगे तथा उसके


286 of 401