विचारों को पूरा करने का कारण बने। राजा जयसिंह की मृत्यु के बाद शाहजादा आलम को दक्षिण का सूबेदार नियत किया गया। दिलेर खां और खानजहां को खास तौर पर शाहजादे की अधीन शिवाजी के प्रतीकार के लिए नियत किया।
कई एक इतिहासकारों का मत है (औरंगजेब जैसे कपटी मनुष्य के लिए कोई आश्चर्य की बात नहीं है) कि शाहजादा मुअज्जम को अपने पिता से यह आज्ञा मिली थी िकवह दक्षिण में दिखावे मात्र के लिए ही सम्राट् के विरूद्व विद्रोह फैलावे। शिवाजी
विचारों को पूरा करने का कारण बने। राजा जयसिंह की मृत्यु के बाद शाहजादा आलम को दक्षिण का सूबेदार नियत किया गया। दिलेर खां और खानजहां को खास तौर पर शाहजादे की अधीन शिवाजी के प्रतीकार के लिए नियत किया।
कई एक इतिहासकारों का मत है (औरंगजेब जैसे कपटी मनुष्य के लिए कोई आश्चर्य की बात नहीं है) कि शाहजादा मुअज्जम को अपने पिता से यह आज्ञा मिली थी िकवह दक्षिण में दिखावे मात्र के लिए ही सम्राट् के विरूद्व विद्रोह फैलावे। शिवाजी