पृष्ठों में लिखे सम्पूर्ण वृत्तान्तों ने जो शिवाजी की 40 वर्ष की अवस्था तक प्रकट हुए। यह किसको ज्ञात नहीं कि शाहजी का पुत्र शिवाजी इस प्रकार के साहस, वीरता और पुरूषार्थ का सबूत देगा। किन्तु 16 वर्ष के शिवाजी को देख कर किसी मनुष्य को यदि कोई विचार पैदा भी हुआा होगा तो केवल इतना ही कि वह अपने पिता से अधिक बलशाली और महामान्य होगा। कदाचित् किसी का तो यह भी विचार हो कि इस प्रकार के उजड्डपन की बातें, राजद्रोह, लूट खसोट की आदतें
पृष्ठों में लिखे सम्पूर्ण वृत्तान्तों ने जो शिवाजी की 40 वर्ष की अवस्था तक प्रकट हुए। यह किसको ज्ञात नहीं कि शाहजी का पुत्र शिवाजी इस प्रकार के साहस, वीरता और पुरूषार्थ का सबूत देगा। किन्तु 16 वर्ष के शिवाजी को देख कर किसी मनुष्य को यदि कोई विचार पैदा भी हुआा होगा तो केवल इतना ही कि वह अपने पिता से अधिक बलशाली और महामान्य होगा। कदाचित् किसी का तो यह भी विचार हो कि इस प्रकार के उजड्डपन की बातें, राजद्रोह, लूट खसोट की आदतें