उसके विध्वंस का कारण होंगी परन्तु यह बात तो शायद किसी को भी बुद्वि में न समाई होगी कि 25 वर्ष की अवस्था के पूर्व का एक लड़का एक अच्छे राज्य का स्वामी बनेगा। दिल्ली का मुग़ल दरबार उसके सामने सन्धि की शर्ते पेश करेगा और बीजापुर तथा गोलकुण्डा के वंश उसको कर देना स्वीकार करेंगे। तात्पर्य यह कि थोड़े ही समय में शिवाजी ने जो कुछ कर दिखाया, वह सब लोगों की आशाओं से बढ़ कर था। शिवाजी को कई बार सफलता हुई, साथ ही निष्फलता भी हुई परन्तु
उसके विध्वंस का कारण होंगी परन्तु यह बात तो शायद किसी को भी बुद्वि में न समाई होगी कि 25 वर्ष की अवस्था के पूर्व का एक लड़का एक अच्छे राज्य का स्वामी बनेगा। दिल्ली का मुग़ल दरबार उसके सामने सन्धि की शर्ते पेश करेगा और बीजापुर तथा गोलकुण्डा के वंश उसको कर देना स्वीकार करेंगे। तात्पर्य यह कि थोड़े ही समय में शिवाजी ने जो कुछ कर दिखाया, वह सब लोगों की आशाओं से बढ़ कर था। शिवाजी को कई बार सफलता हुई, साथ ही निष्फलता भी हुई परन्तु