छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

का खाली करा लेना तो बड़ी बात न थी परन्तु शूरवीरों शेरों को निकाल कर खोये हुए ’सिंहगढ़’ को प्राप्त कर लेना एक असाधारण साहस का काम था। श्री तानाजी के सिवाय और किसी का साहस न हुआ िकइस बीेड़े को उठाये। उसने तलवार हाथ में उठा कर इस सेवा को पूरा करने की आज्ञा मांगी परन्तु शर्त यह थी कि मेरा सगा भाई और एक हजार मावली योद्वा जिनको मैं स्वयं छांट लूं, मुझे दिये जायें।

याद रखना चाहिए कि यह किला बड़े दुर्गम स्थान पर था। पहाड़ों की श्रेणी


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का खाली करा लेना तो बड़ी बात न थी परन्तु शूरवीरों शेरों को निकाल कर खोये हुए ’सिंहगढ़’ को प्राप्त कर लेना एक असाधारण साहस का काम था। श्री तानाजी के सिवाय और किसी का साहस न हुआ िकइस बीेड़े को उठाये। उसने तलवार हाथ में उठा कर इस सेवा को पूरा करने की आज्ञा मांगी परन्तु शर्त यह थी कि मेरा सगा भाई और एक हजार मावली योद्वा जिनको मैं स्वयं छांट लूं, मुझे दिये जायें।

याद रखना चाहिए कि यह किला बड़े दुर्गम स्थान पर था। पहाड़ों की श्रेणी


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