के पूर्वीय किनारे पर अत्यन्त ऊंचे स्थान पर यह किला बनाया गया थां पूर्व और पश्चिम की ओर तो ऊंची चोटियां थी जहां पर मनुष्यों का आना जाना अत्यन्त कठिन था। यह किला एक ऐसे दृढ़ टीले पर था जिसकी सीधी चढ़ाई आध मील से कम किसी हालत में न
छत्रपति शिवाजी 95
थी। यह टीला पृथ्वीमण्डल पर मानो एक स्थाणु के समान था-आधामील की चढ़ाई के ऊपर चालीस फीट तक काले पत्थर का टीला है जिसके ऊपर एक दृढ़ पत्थर की त्रिकोण दीवार है, जिसमें स्थान स्थान
के पूर्वीय किनारे पर अत्यन्त ऊंचे स्थान पर यह किला बनाया गया थां पूर्व और पश्चिम की ओर तो ऊंची चोटियां थी जहां पर मनुष्यों का आना जाना अत्यन्त कठिन था। यह किला एक ऐसे दृढ़ टीले पर था जिसकी सीधी चढ़ाई आध मील से कम किसी हालत में न
छत्रपति शिवाजी 95
थी। यह टीला पृथ्वीमण्डल पर मानो एक स्थाणु के समान था-आधामील की चढ़ाई के ऊपर चालीस फीट तक काले पत्थर का टीला है जिसके ऊपर एक दृढ़ पत्थर की त्रिकोण दीवार है, जिसमें स्थान स्थान