छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

राज्य अधुरा ही है। इस विचार को लेकर महल से नीचे उतर आयी और एक दूत को बुला कर शिवाजी के पास पत्र भेजा कि शीघ्र आओ, तुम को माता जी याद करती हैं।

शिवाजी इस आज्ञा को सुनकर तत्काल ’प्रतापगढ़’ पहुंचे। उधर माताजी भी तो पुत्र की प्रतीक्षा कर रही थी’ कि कब शिवाजी आये! इसी बहाने माता जीजाबाई ने सामने चैसर बिछा रक्खा था कि जिसे चैसर खेल रही हैं। इसी बीच शिवाजी आ गये, वरना करते हुए माता के पास पहुंचे। माता ने स्नेहवश उन्हें गोद


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राज्य अधुरा ही है। इस विचार को लेकर महल से नीचे उतर आयी और एक दूत को बुला कर शिवाजी के पास पत्र भेजा कि शीघ्र आओ, तुम को माता जी याद करती हैं।

शिवाजी इस आज्ञा को सुनकर तत्काल ’प्रतापगढ़’ पहुंचे। उधर माताजी भी तो पुत्र की प्रतीक्षा कर रही थी’ कि कब शिवाजी आये! इसी बहाने माता जीजाबाई ने सामने चैसर बिछा रक्खा था कि जिसे चैसर खेल रही हैं। इसी बीच शिवाजी आ गये, वरना करते हुए माता के पास पहुंचे। माता ने स्नेहवश उन्हें गोद


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