में लिया और कहा बेटा! टाओ चैसर की बाजी खेली जाय। शिवाजी ने कहा, मुझे इतनी शीघ्रता से क्यों बुलाया गया है? शीघ्र बताइये जिससे आज्ञा का पालन कर सकूं। माता ने एक बार चैसर खेल लें तब बताऊंगी। बेटे ने आज्ञा का पालन धर्म समझ कर कहा बहुत अच्छा। आप पहले पासा डालें। माता ने कहा नहीं बेटा, राजा की विद्यमानता में कोई अगवानी नहीं कर सकता है क्योंकि यह राजपदवी का अधिकार है। मर्यादा के लिए शिवाजी ने पासा डाला और वह अच्छा निकलां शिवाजी ने कहा माता जी मैं हारा और आप विजयी हुई,
में लिया और कहा बेटा! टाओ चैसर की बाजी खेली जाय। शिवाजी ने कहा, मुझे इतनी शीघ्रता से क्यों बुलाया गया है? शीघ्र बताइये जिससे आज्ञा का पालन कर सकूं। माता ने एक बार चैसर खेल लें तब बताऊंगी। बेटे ने आज्ञा का पालन धर्म समझ कर कहा बहुत अच्छा। आप पहले पासा डालें। माता ने कहा नहीं बेटा, राजा की विद्यमानता में कोई अगवानी नहीं कर सकता है क्योंकि यह राजपदवी का अधिकार है। मर्यादा के लिए शिवाजी ने पासा डाला और वह अच्छा निकलां शिवाजी ने कहा माता जी मैं हारा और आप विजयी हुई,