छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

जब तक वह किला फतह न करोगे तब तक तुम्हारा राज्य और तुम्हारी शक्ति अधुरी है। माताजी की यह बात सुन कर शिवाजी पर वज्रपात हुआ, कान्ति उड़ गई। उदासीनता छा गई और कहा-

माताजी ! यह बड़ा कठिन वर है। यह किसका साहस है कि शूरवीर उदयभानु का सामना कर सके। माताजी ! जो कुछ मेरा है वह आप ले सकती हैं परन्तु जो वस्तु मेरी नहीं उसके विषय में मैं कैसे प्रतिज्ञज्ञ कर सकता हूं।

माताजी- (अत्यन्त क्रुद्व होकर) बेटा! याद रक्खो, माता का शाप बहुत


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जब तक वह किला फतह न करोगे तब तक तुम्हारा राज्य और तुम्हारी शक्ति अधुरी है। माताजी की यह बात सुन कर शिवाजी पर वज्रपात हुआ, कान्ति उड़ गई। उदासीनता छा गई और कहा-

माताजी ! यह बड़ा कठिन वर है। यह किसका साहस है कि शूरवीर उदयभानु का सामना कर सके। माताजी ! जो कुछ मेरा है वह आप ले सकती हैं परन्तु जो वस्तु मेरी नहीं उसके विषय में मैं कैसे प्रतिज्ञज्ञ कर सकता हूं।

माताजी- (अत्यन्त क्रुद्व होकर) बेटा! याद रक्खो, माता का शाप बहुत


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