छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

ही होगा। तथापि कुछ इतिहास लेखक ऐसे भी हैं जो किसी पारितोषिक की परवाह किए बिना लिखते हैं। अंगे्रजी इतिहासकार इसी कोटी में आते हैं और इसके लिए हमक उनके चिर कृतज्ञ रहेंगे। भारत में ऐसा कौन हिन्दू है जो टाॅड साहब द्वारा लिखे गये राजस्थान के इतिहास को पढ़कर उनका कृतज्ञ नहीं होगा। यदि इस देश के राजा अपने पूर्वजों की वीरता की कहानियां पढ़ने का अवसर मिलेगा।

भारत के दक्षिण में एक और जाति है जो सदा अध्ययन में लीन रही और जिसके पास


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ही होगा। तथापि कुछ इतिहास लेखक ऐसे भी हैं जो किसी पारितोषिक की परवाह किए बिना लिखते हैं। अंगे्रजी इतिहासकार इसी कोटी में आते हैं और इसके लिए हमक उनके चिर कृतज्ञ रहेंगे। भारत में ऐसा कौन हिन्दू है जो टाॅड साहब द्वारा लिखे गये राजस्थान के इतिहास को पढ़कर उनका कृतज्ञ नहीं होगा। यदि इस देश के राजा अपने पूर्वजों की वीरता की कहानियां पढ़ने का अवसर मिलेगा।

भारत के दक्षिण में एक और जाति है जो सदा अध्ययन में लीन रही और जिसके पास


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