सब सन्न रह गये। किसी ने इस काम को पूरा करने के लिए बीड़ा नहीं उठाया। अन्त में शिवाजी ने कहा कि कम से कम एक मनुष्य मेरे राज्य में अवश्य है जो कि इस कार्य को पूरा करेगा। दूत को बुलाकर आज्ञा दी, जाओ। और तानाजी को समाचार सुनाओ कि शिवाजी ने तुम्हें याद किया हैं आज के चैथे दिन तक तानाजी अवश्य यहां पहुंच जावें।
यह वही तानाजी हैं जो अफजलखां की घटना के समय शिवाजी के साथ में था। शिवाजी की आज्ञा पाते ही दूत तुरन्त रवाना हो गया
सब सन्न रह गये। किसी ने इस काम को पूरा करने के लिए बीड़ा नहीं उठाया। अन्त में शिवाजी ने कहा कि कम से कम एक मनुष्य मेरे राज्य में अवश्य है जो कि इस कार्य को पूरा करेगा। दूत को बुलाकर आज्ञा दी, जाओ। और तानाजी को समाचार सुनाओ कि शिवाजी ने तुम्हें याद किया हैं आज के चैथे दिन तक तानाजी अवश्य यहां पहुंच जावें।
यह वही तानाजी हैं जो अफजलखां की घटना के समय शिवाजी के साथ में था। शिवाजी की आज्ञा पाते ही दूत तुरन्त रवाना हो गया