पहुंचा। उसने पुत्र को पास बुलाकर और धैर्य देकर कहा कि मैं राजा शिवाजी की सेवा में जाता हूं और सात दिन का अवकाश लेकर तेरे विवाह के लिए लौट आऊंगा। तत्पश्चात् पुनः युद्व में चला जाऊंगा। तानाजी, शिवाजी की आज्ञा पालन करने के लिए अपने मण्डल की सम्पूर्ण लड़ने वाली जातियों को एकत्र करके रायगढ़ की ओर चल दिया।
इस विषय में एक कवि ने लिखा है कि यह बारह हजार की सेना के लोग पूरे बनवासी थे जो अपने अपने कम्बल कन्धों पर रख कर तथा अपने
पहुंचा। उसने पुत्र को पास बुलाकर और धैर्य देकर कहा कि मैं राजा शिवाजी की सेवा में जाता हूं और सात दिन का अवकाश लेकर तेरे विवाह के लिए लौट आऊंगा। तत्पश्चात् पुनः युद्व में चला जाऊंगा। तानाजी, शिवाजी की आज्ञा पालन करने के लिए अपने मण्डल की सम्पूर्ण लड़ने वाली जातियों को एकत्र करके रायगढ़ की ओर चल दिया।
इस विषय में एक कवि ने लिखा है कि यह बारह हजार की सेना के लोग पूरे बनवासी थे जो अपने अपने कम्बल कन्धों पर रख कर तथा अपने