की सारी सेना एकत्रित होकर तानाजी की सेना पर टूट पड़ी। इतने में तानाजी का भाई ’सवायजी’ किसी प्रकार से अपने साथियों समेत किले में घुस गया और हर हर महादेव की ध्वनि से मराठों का खून उबल पड़ा। फिर क्या था? मरहठे खूब डट कर लड़े और अन्त को उन्हीं की विजय हुई। बचे खुचे राजपूत किला छोड़ कर भाग निकले। किले पर अधिकार करते ही मरहठों ने किले की छत पर से तोपें चलाई जिससे कि शिवाजी किला मिल जाने की सूचना पर सकें। परन्तु जिस समय ’शिवाजी’
की सारी सेना एकत्रित होकर तानाजी की सेना पर टूट पड़ी। इतने में तानाजी का भाई ’सवायजी’ किसी प्रकार से अपने साथियों समेत किले में घुस गया और हर हर महादेव की ध्वनि से मराठों का खून उबल पड़ा। फिर क्या था? मरहठे खूब डट कर लड़े और अन्त को उन्हीं की विजय हुई। बचे खुचे राजपूत किला छोड़ कर भाग निकले। किले पर अधिकार करते ही मरहठों ने किले की छत पर से तोपें चलाई जिससे कि शिवाजी किला मिल जाने की सूचना पर सकें। परन्तु जिस समय ’शिवाजी’