जा निकले और वहां से बहुत सा माल व धन लेकर वापस आये। इस अवसर पर 15 दिसम्बर 1668 ई. को बीजापुर के बादशाह आदिलशाह की मृत्यु हो गई और उसके इलाके में बड़ी गड़बड़ मच गई। कोई प्रबन्ध ठीक न था। इस अवसर पर शिवाजी ने बीजापुर पर धावा करने का विचार कर लिया। मार्च सन् 1673 ई. में विशालगढ़ के पास एक बड़ी सेना एकत्रित की। इस सेना के एक भाग को ’पनाला’ किले की ओर वापस भेज दिया। परन्तु वास्तविक इच्छा यह थी कि हुगली नगर जो उन दिनों बड़ा धनाढ्य था,
जा निकले और वहां से बहुत सा माल व धन लेकर वापस आये। इस अवसर पर 15 दिसम्बर 1668 ई. को बीजापुर के बादशाह आदिलशाह की मृत्यु हो गई और उसके इलाके में बड़ी गड़बड़ मच गई। कोई प्रबन्ध ठीक न था। इस अवसर पर शिवाजी ने बीजापुर पर धावा करने का विचार कर लिया। मार्च सन् 1673 ई. में विशालगढ़ के पास एक बड़ी सेना एकत्रित की। इस सेना के एक भाग को ’पनाला’ किले की ओर वापस भेज दिया। परन्तु वास्तविक इच्छा यह थी कि हुगली नगर जो उन दिनों बड़ा धनाढ्य था,