को उच्च गौरव की सीढ़ी पर चढ़ा कर जीजाबाई की आत्मा किसी नये काम के लिए शरीर को त्याग कर चल बसी। इसके पश्चात् एक युद्व पुनः 1675-76 ई. में मुग़लों के साथ शिवाजी को लड़ना पड़ा।
इस युद्व में मुग़लों का अध्यक्ष यद्यपि बड़े साहस के साथ लड़ता रहा तथापि शिवाजी व हेमराव के सामने उसकी एक न चली। इसके बाद शिवाजी ने कई नये किले प्राप्त किये। हेमराव ने नर्मदा और गोदावरी नदी के पार जाकर मुग़ल सल्तनत से अपने को निष्कण्टक किया साथ ही शिवाजी
को उच्च गौरव की सीढ़ी पर चढ़ा कर जीजाबाई की आत्मा किसी नये काम के लिए शरीर को त्याग कर चल बसी। इसके पश्चात् एक युद्व पुनः 1675-76 ई. में मुग़लों के साथ शिवाजी को लड़ना पड़ा।
इस युद्व में मुग़लों का अध्यक्ष यद्यपि बड़े साहस के साथ लड़ता रहा तथापि शिवाजी व हेमराव के सामने उसकी एक न चली। इसके बाद शिवाजी ने कई नये किले प्राप्त किये। हेमराव ने नर्मदा और गोदावरी नदी के पार जाकर मुग़ल सल्तनत से अपने को निष्कण्टक किया साथ ही शिवाजी