अधीन करके शिवाजी ने एक बहुत बड़ा यज्ञ आरम्भ किया और जून 1674 ई. (अर्थात् 13 ज्येष्ठ सं. 1731 वि.) को गद्दी पर बैठे।
शिवाजी अपना सिक्का तो पहले ही चला चुके थे अब अपने नाम का संवत् भी उन्होंने जारी किया। इस अवसर पर अंग्रेजों से सन्धियां की गई। इस वर्ष शिवाजी के सिंहासनासीन होने के 15 दिन पश्चात् इनकी पूज्य माता जीजाबाई का देहान्त हो गया। अपने पुत्र शिवाजी को गद्दी पर बैठा कर लगभग सारे दक्षिण का शासक बना कर एवम् अपनी जाति
अधीन करके शिवाजी ने एक बहुत बड़ा यज्ञ आरम्भ किया और जून 1674 ई. (अर्थात् 13 ज्येष्ठ सं. 1731 वि.) को गद्दी पर बैठे।
शिवाजी अपना सिक्का तो पहले ही चला चुके थे अब अपने नाम का संवत् भी उन्होंने जारी किया। इस अवसर पर अंग्रेजों से सन्धियां की गई। इस वर्ष शिवाजी के सिंहासनासीन होने के 15 दिन पश्चात् इनकी पूज्य माता जीजाबाई का देहान्त हो गया। अपने पुत्र शिवाजी को गद्दी पर बैठा कर लगभग सारे दक्षिण का शासक बना कर एवम् अपनी जाति