अब शिवाजी दक्षिण प्रान्त के महान् बलवान सम्राट् बन गये। अब इन्हें याद आया कि अपने पिता की जायदाद से तो कुछ हिस्सा मिला ही नहीं जो दक्षिण में हिन्दू राज्य को सुदृढ़ करने के लिए आधीन मण्डल बन जायें इसलिए पूर्वीय दक्षिण की ओर अपना रूख किया।
कर्नाटक का वृत्तान्त लिखने से पूर्व हम यह लिख देना उचित समझते हैं कि उस समय दिल्ली, बीजापुर और गोलकुण्डा की क्या दशा थी? औरंगजेब का सदा यह विचार बना रहता था कि सारा दक्षिण मुग़लराज्य
अब शिवाजी दक्षिण प्रान्त के महान् बलवान सम्राट् बन गये। अब इन्हें याद आया कि अपने पिता की जायदाद से तो कुछ हिस्सा मिला ही नहीं जो दक्षिण में हिन्दू राज्य को सुदृढ़ करने के लिए आधीन मण्डल बन जायें इसलिए पूर्वीय दक्षिण की ओर अपना रूख किया।
कर्नाटक का वृत्तान्त लिखने से पूर्व हम यह लिख देना उचित समझते हैं कि उस समय दिल्ली, बीजापुर और गोलकुण्डा की क्या दशा थी? औरंगजेब का सदा यह विचार बना रहता था कि सारा दक्षिण मुग़लराज्य