गोरा और बादल, महाराणा सांगा और प्रताप, जयमल और फत्ता, दुर्गादास और शिवाजी, गुरू अर्जुन, गुरू तेग बहादुर, गुरू गोविन्दसिंह और हरिसिंह नलवा जैसे हजारों शूरवीरों को उत्पन्न कर सकती है उस आर्य हिन्दू जाति को हम कायर कैसे मान लें? जिस देश को स्त्रियों ने आरम्भ से आज तक श्रेष्ठ उदाहरणों को प्रस्तुत किया है, जहां सैकड़ों स्त्रियों ने अपने हाथों से अपने भाइयों, पतियों और पुत्रों की कमर में शस्त्र बांधे और उनको युद्व में भेजा,
गोरा और बादल, महाराणा सांगा और प्रताप, जयमल और फत्ता, दुर्गादास और शिवाजी, गुरू अर्जुन, गुरू तेग बहादुर, गुरू गोविन्दसिंह और हरिसिंह नलवा जैसे हजारों शूरवीरों को उत्पन्न कर सकती है उस आर्य हिन्दू जाति को हम कायर कैसे मान लें? जिस देश को स्त्रियों ने आरम्भ से आज तक श्रेष्ठ उदाहरणों को प्रस्तुत किया है, जहां सैकड़ों स्त्रियों ने अपने हाथों से अपने भाइयों, पतियों और पुत्रों की कमर में शस्त्र बांधे और उनको युद्व में भेजा,