की तरफ रवाना हो गये। अभी थोड़ी ही दूर गये होंगे कि फिर समाचार मिला कि उनका बेटा सम्भाजी दिलेर खां से मिल गया है। यह सुनते ही शिवाजी ने भीमराव को तो बीजापुर की तरफ भेज दिया और आप सम्भाजी को लेने के लिए ’पनाला’ दुर्ग की तरफ रवाना हो गये। उधर दिलेर खां ने अपनी सेना का एक भाग सम्भाजी को देकर मरहठों का राजा बना दिया और उसे भूपालगढ़ पर धावा करने की आज्ञा दे दी जिसे सम्भाजी ने जाते ही फतेह किया। उधर हेमराव ने दिलेर खां को तंग
की तरफ रवाना हो गये। अभी थोड़ी ही दूर गये होंगे कि फिर समाचार मिला कि उनका बेटा सम्भाजी दिलेर खां से मिल गया है। यह सुनते ही शिवाजी ने भीमराव को तो बीजापुर की तरफ भेज दिया और आप सम्भाजी को लेने के लिए ’पनाला’ दुर्ग की तरफ रवाना हो गये। उधर दिलेर खां ने अपनी सेना का एक भाग सम्भाजी को देकर मरहठों का राजा बना दिया और उसे भूपालगढ़ पर धावा करने की आज्ञा दे दी जिसे सम्भाजी ने जाते ही फतेह किया। उधर हेमराव ने दिलेर खां को तंग