कि शत्रुओं ने चारों तरफ से मरहठों को घेर लिया और शिवाजी का रास्ता बन्द कर दिया।
116 छत्रपति शिवाजी
जब शिवाजी ने देखा कि इतनी बड़ी सेना से पार पाना कठिन है तो वे एक गुप्तचर को साथ लेकर दूसरे रास्ते से निकल गये। जिस समय शिवाजी पटना में आये तब ’मसऊदखां’ का एक पत्र उन्हें मिला जिसमें लिखा हुआ था कि दिलेरखां किले की दीवारों के इतना समीप आ पहुंचा है कि यदि सहायता नहीं मिली तो सब काम बिगड़ जायेगा। शिवाजी पत्र को पढ़ते ही बीजापुर
कि शत्रुओं ने चारों तरफ से मरहठों को घेर लिया और शिवाजी का रास्ता बन्द कर दिया।
116 छत्रपति शिवाजी
जब शिवाजी ने देखा कि इतनी बड़ी सेना से पार पाना कठिन है तो वे एक गुप्तचर को साथ लेकर दूसरे रास्ते से निकल गये। जिस समय शिवाजी पटना में आये तब ’मसऊदखां’ का एक पत्र उन्हें मिला जिसमें लिखा हुआ था कि दिलेरखां किले की दीवारों के इतना समीप आ पहुंचा है कि यदि सहायता नहीं मिली तो सब काम बिगड़ जायेगा। शिवाजी पत्र को पढ़ते ही बीजापुर