है। उसके देशीय भाइयों ने भी उसकी इन बातों और विचित्र शक्तियों से उसे अवतार बना दिया। यह विचारने का स्थान है कि शिवाजी ने अपना जीवन कहां से आरम्भ किया और कहां समाप्त किया? जिस समय शिवाजी उत्पन्न हुए थे उसके पिता क्या थे, और उन्नीस वर्ष की आयु में पहला धावा किया था तो क्या हालत थी जब उनकी मृत्यु हुई तो क्या हालत थी? बड़े बड़े इतिहासकारों ने इनकी वीरता और साहस की प्रशंसा की है। औरंगजेब जैसे
छत्रपति शिवाजी 119
निर्दयी के
है। उसके देशीय भाइयों ने भी उसकी इन बातों और विचित्र शक्तियों से उसे अवतार बना दिया। यह विचारने का स्थान है कि शिवाजी ने अपना जीवन कहां से आरम्भ किया और कहां समाप्त किया? जिस समय शिवाजी उत्पन्न हुए थे उसके पिता क्या थे, और उन्नीस वर्ष की आयु में पहला धावा किया था तो क्या हालत थी जब उनकी मृत्यु हुई तो क्या हालत थी? बड़े बड़े इतिहासकारों ने इनकी वीरता और साहस की प्रशंसा की है। औरंगजेब जैसे
छत्रपति शिवाजी 119
निर्दयी के