सब खजाने में जमा होता था। शिवाजी का गुप्त प्रबन्ध अत्यन्त उत्तम था। उन्हें प्रत्येक स्थान के समाचार सब से पहले मिल जाया करते थे जो सच्चे हुआ करते थे। शत्रु के सेनासम्बन्धी समाचार पूर्णरूप से मिला करते थे जो क्षण-क्षण का समाचार देते थे। इस बात से सम्पूर्ण इतिहासकार सहमत हैं कि शिवाजी के प्रबन्ध में किसी प्रकार की घूस (रिश्वत) आदि नहीं ली जाती थी क्यांेकि शिवाजी स्वयं न्यायी एवं विचारशील पुरूष थे।
इत्यलम् ।
सब खजाने में जमा होता था। शिवाजी का गुप्त प्रबन्ध अत्यन्त उत्तम था। उन्हें प्रत्येक स्थान के समाचार सब से पहले मिल जाया करते थे जो सच्चे हुआ करते थे। शत्रु के सेनासम्बन्धी समाचार पूर्णरूप से मिला करते थे जो क्षण-क्षण का समाचार देते थे। इस बात से सम्पूर्ण इतिहासकार सहमत हैं कि शिवाजी के प्रबन्ध में किसी प्रकार की घूस (रिश्वत) आदि नहीं ली जाती थी क्यांेकि शिवाजी स्वयं न्यायी एवं विचारशील पुरूष थे।
इत्यलम् ।