छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

की आपस की फूट तथा धर्महीनता ही थी िकवे अपने शत्रु को नीचा नहीं दिखा सके। ग्यारहवीं शताब्दी तक लगातार विदेशी मुसलमान इस देश में लुटेरों की भांति आते रहे और यहां का धन-वैभव लूट कर ले जाते रहे। महमूद ग़जनवी के समय तक भारत के कुछ ही किले ऐसे थे जिन पर मुसलमानों का अधिकार था। इनमें से भी बहुतों को हिन्दुओं ने पुनः अपने अधिकार में ले लिया था। भारत में मुसलमानी शासन की नींव जमाने वाला, प्रथम विदेशी आक्रमणकारी, हिन्दुओं की स्वतन्त्रता


42 of 401

की आपस की फूट तथा धर्महीनता ही थी िकवे अपने शत्रु को नीचा नहीं दिखा सके। ग्यारहवीं शताब्दी तक लगातार विदेशी मुसलमान इस देश में लुटेरों की भांति आते रहे और यहां का धन-वैभव लूट कर ले जाते रहे। महमूद ग़जनवी के समय तक भारत के कुछ ही किले ऐसे थे जिन पर मुसलमानों का अधिकार था। इनमें से भी बहुतों को हिन्दुओं ने पुनः अपने अधिकार में ले लिया था। भारत में मुसलमानी शासन की नींव जमाने वाला, प्रथम विदेशी आक्रमणकारी, हिन्दुओं की स्वतन्त्रता


42 of 401