कर छत्रपति शिवाजी शीर्षक यह जीवनी लिखी। इसके पश्चात् ही बंगाली इतिहासकार सर यदुनाथ सरकार द्वारा लिखित शिवाजी का प्रामाणिक इतिवृत्त प्रकाश में आया किन्तू लालाजी इन नवीनतम शोध-सामग्री का लाभ नहीं ले सके थे।
शिवाजी महाराज के जीवनवृत्त को प्रस्तुत करने से पहले लालाजी ने ’विज्ञप्ति’ शीर्षक से इस ग्रन्थ की एक विस्तृत भूमिका लिखी। इसमें उन्होंने भारतीय इतिहास का सिंहावलोकन करते हुए हिन्दू राष्ट्र, धर्म एवं समाज के पतन के विभिन्न
कर छत्रपति शिवाजी शीर्षक यह जीवनी लिखी। इसके पश्चात् ही बंगाली इतिहासकार सर यदुनाथ सरकार द्वारा लिखित शिवाजी का प्रामाणिक इतिवृत्त प्रकाश में आया किन्तू लालाजी इन नवीनतम शोध-सामग्री का लाभ नहीं ले सके थे।
शिवाजी महाराज के जीवनवृत्त को प्रस्तुत करने से पहले लालाजी ने ’विज्ञप्ति’ शीर्षक से इस ग्रन्थ की एक विस्तृत भूमिका लिखी। इसमें उन्होंने भारतीय इतिहास का सिंहावलोकन करते हुए हिन्दू राष्ट्र, धर्म एवं समाज के पतन के विभिन्न