में जा छिपा। इसके बाद शाही गद्दी पर औरंगजेब बैठा तो सत्ता प्राप्त करने के लिए उसने अपने भाइयों का खून किया, बाप को कैद में डाला और इस्लामी कट्टरता को पुनः जागृत किया। परिणाम यह हुआ कि हिन्दुओं ने औरंगजेब को चैन से नहीं बैठने दिया। इस समय हिन्दू जाति में फिर परिवर्तन आया। औरंगजेब के पतन से लेकर 1847 के विद्रोह तक मुगलवंश का इतिहास हिन्दुओं की राजनैतिक उन्नति और योरोपियन शक्तियों के ताकत पकड़ने का इतिहास है। भारत के पश्चिमी
में जा छिपा। इसके बाद शाही गद्दी पर औरंगजेब बैठा तो सत्ता प्राप्त करने के लिए उसने अपने भाइयों का खून किया, बाप को कैद में डाला और इस्लामी कट्टरता को पुनः जागृत किया। परिणाम यह हुआ कि हिन्दुओं ने औरंगजेब को चैन से नहीं बैठने दिया। इस समय हिन्दू जाति में फिर परिवर्तन आया। औरंगजेब के पतन से लेकर 1847 के विद्रोह तक मुगलवंश का इतिहास हिन्दुओं की राजनैतिक उन्नति और योरोपियन शक्तियों के ताकत पकड़ने का इतिहास है। भारत के पश्चिमी