हिन्दुओं का धर्म भ्रष्ट किया जाने लगा और उनके दमन में कोई कसर नहीं रखी गई। तत्कालीन हिन्दी कवियों ने ईश्वर भक्ति के काव्य की रचना कर समाज में व्याप्त अधर्म, अत्याचार तथा हिन्दुओं के दमन का सजीव
विज्ञप्ति 25
चित्र अंकित किया है। इस काव्य ने भी अधोगति प्राप्त लोगों को धर्म रक्षा के लिए आने की प्रेरणा दी। शिवाजी महाराज के प्रयत्न भी इसी दिशा में थे। जब हिन्दुओं ने देखा कि हमारी भक्ति और उपासना की स्वतन्त्रता भी मुसलमानों
हिन्दुओं का धर्म भ्रष्ट किया जाने लगा और उनके दमन में कोई कसर नहीं रखी गई। तत्कालीन हिन्दी कवियों ने ईश्वर भक्ति के काव्य की रचना कर समाज में व्याप्त अधर्म, अत्याचार तथा हिन्दुओं के दमन का सजीव
विज्ञप्ति 25
चित्र अंकित किया है। इस काव्य ने भी अधोगति प्राप्त लोगों को धर्म रक्षा के लिए आने की प्रेरणा दी। शिवाजी महाराज के प्रयत्न भी इसी दिशा में थे। जब हिन्दुओं ने देखा कि हमारी भक्ति और उपासना की स्वतन्त्रता भी मुसलमानों