हमने इस देश की अवनति का इतिहास अपने पाठकों के सामने रखा है। हमारा प्रयोजन इतिहास लिखना नहीं है क्योंकि हम जानते हैं कि यह कार्य कठिन तथा समय साध्य है। हम तो अपने भाइयों का ध्यान अपनी विगत अवनति की ओर आकृष्ट करना चाहते हैं और उन लोगों के भ्रम का दूर करना चाहते हैं जो मानते हैं कि हजार-आठ सौ वर्षो तक हिन्दू लोग मुसलमानों की गुलामी में रहे ही नहीं। कायरता की कलंक कालिमा हिन्दुओं पर नहीं लग सकती और न कोई यह कहने का साहस
हमने इस देश की अवनति का इतिहास अपने पाठकों के सामने रखा है। हमारा प्रयोजन इतिहास लिखना नहीं है क्योंकि हम जानते हैं कि यह कार्य कठिन तथा समय साध्य है। हम तो अपने भाइयों का ध्यान अपनी विगत अवनति की ओर आकृष्ट करना चाहते हैं और उन लोगों के भ्रम का दूर करना चाहते हैं जो मानते हैं कि हजार-आठ सौ वर्षो तक हिन्दू लोग मुसलमानों की गुलामी में रहे ही नहीं। कायरता की कलंक कालिमा हिन्दुओं पर नहीं लग सकती और न कोई यह कहने का साहस