छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji



परिचय देकर औरंगजेब के गर्व को नष्ट किया था। दुर्गादास जोधपुर के राठौर वंश के सपूत थे। जोधपुर के महाराजा जसवन्तसिंह की काबुल में मृत्यु के पश्चात् जब औरंगजेब नक उनकी रानी और पुत्रों को दिल्ली में बन्दी बना लिया तो इनकी रक्षा करने वाले दुर्गादास ही थे। इन्होंने राजकुमार को सुरक्षित जोधपुर पहंुचाया और मुगलों से युद्व कर मारवाड़ का राज्य पुनः राठौरों को दिलाया। अतः यह स्वीकार करना होगा कि अत्याचारी औरंगजेब के छक्के छुड़ाने में वीर दुर्गादास की भूमिका कम नही थी।


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परिचय देकर औरंगजेब के गर्व को नष्ट किया था। दुर्गादास जोधपुर के राठौर वंश के सपूत थे। जोधपुर के महाराजा जसवन्तसिंह की काबुल में मृत्यु के पश्चात् जब औरंगजेब नक उनकी रानी और पुत्रों को दिल्ली में बन्दी बना लिया तो इनकी रक्षा करने वाले दुर्गादास ही थे। इन्होंने राजकुमार को सुरक्षित जोधपुर पहंुचाया और मुगलों से युद्व कर मारवाड़ का राज्य पुनः राठौरों को दिलाया। अतः यह स्वीकार करना होगा कि अत्याचारी औरंगजेब के छक्के छुड़ाने में वीर दुर्गादास की भूमिका कम नही थी।


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