हमारे लिखने का अभिप्राय इतना ही है कि मुसलमानी शासनकाल में कोई वक्त ऐसा नहीं था, जब हिन्दुओं में वीरता, धैर्य, बल और पराक्रम की कमी रही हो। यदि हिन्दुओं में वीरता और साथ ही कष्ट सहिष्णुता नहीं होती तो आज भारत में बीस करोड़ हिन्दु नहीं पाये जाते। अब तो अंग्रेजी सेना में भी आधे सिपाही हिन्दुस्तानी हैं। इन फौजों में गोरखा और सिखों को सर्वाधिक सम्मान प्राप्त है। आज महारानी विक्टोरिया के शासन में सर्वत्र शान्ति है इसलिए कोई
हमारे लिखने का अभिप्राय इतना ही है कि मुसलमानी शासनकाल में कोई वक्त ऐसा नहीं था, जब हिन्दुओं में वीरता, धैर्य, बल और पराक्रम की कमी रही हो। यदि हिन्दुओं में वीरता और साथ ही कष्ट सहिष्णुता नहीं होती तो आज भारत में बीस करोड़ हिन्दु नहीं पाये जाते। अब तो अंग्रेजी सेना में भी आधे सिपाही हिन्दुस्तानी हैं। इन फौजों में गोरखा और सिखों को सर्वाधिक सम्मान प्राप्त है। आज महारानी विक्टोरिया के शासन में सर्वत्र शान्ति है इसलिए कोई