हो गया है। बीजापुर के राज्य में उसका वंश दूसरे नम्बर का था परन्तु स्वतन्त्रता की अभिलाषा ने जगपाल को स्वतन्त्र लड़ाइयों और लूट मार करने पर प्रस्तुत कर दिया। जगपाल की बहिन मालोजी को व्याही थी, ’’भोंसले’’ उनके राजवंश की उपाधि थी। ठीक पता नहीं चलता कि यह भोंसले शब्द किस शब्द का अपभ्रंश रूप है। एक मुसलमान इतिहास लेखक ने लिखा है कि ’’भोंसले’’ शब्द ’घोसले’ का अपभ्रंश है। चुंकि इनका प्रथम पूर्वज अर्थात् वह वीर जो पहले पहल राजपूताने से पिता के साथ महाराष्ट्र में आया,
हो गया है। बीजापुर के राज्य में उसका वंश दूसरे नम्बर का था परन्तु स्वतन्त्रता की अभिलाषा ने जगपाल को स्वतन्त्र लड़ाइयों और लूट मार करने पर प्रस्तुत कर दिया। जगपाल की बहिन मालोजी को व्याही थी, ’’भोंसले’’ उनके राजवंश की उपाधि थी। ठीक पता नहीं चलता कि यह भोंसले शब्द किस शब्द का अपभ्रंश रूप है। एक मुसलमान इतिहास लेखक ने लिखा है कि ’’भोंसले’’ शब्द ’घोसले’ का अपभ्रंश है। चुंकि इनका प्रथम पूर्वज अर्थात् वह वीर जो पहले पहल राजपूताने से पिता के साथ महाराष्ट्र में आया,