छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

निजामशाही बादशाहत में दस हजार का जागीरदार था। उनकेक वंश में सदा देशमुखी चली आती थी। शिवाजी के दादा का नाम ’मालोजी’ भोंसले था जो देरोल ग्राम में रहा करता थां मालोजी का विवाह दक्षिण में एक प्रतिष्ठित वंष में हुआ था जो धनवान् और प्रतिष्ठित होने के अतिरिक्त अधिक प्राचीन भी था।

मालोजी भोंसले के साले को बनंगपाल निम्बालकर के नाम से पुकारते हैं। कोई कोई उसे जगपाल के नाम से भी पुकारते थे। जगपाल अपने समय में एक नामी लड़ाकू वीर


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निजामशाही बादशाहत में दस हजार का जागीरदार था। उनकेक वंश में सदा देशमुखी चली आती थी। शिवाजी के दादा का नाम ’मालोजी’ भोंसले था जो देरोल ग्राम में रहा करता थां मालोजी का विवाह दक्षिण में एक प्रतिष्ठित वंष में हुआ था जो धनवान् और प्रतिष्ठित होने के अतिरिक्त अधिक प्राचीन भी था।

मालोजी भोंसले के साले को बनंगपाल निम्बालकर के नाम से पुकारते हैं। कोई कोई उसे जगपाल के नाम से भी पुकारते थे। जगपाल अपने समय में एक नामी लड़ाकू वीर


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