था। शाह जी का विवाह यादवराव की कन्या जीजीबाई से हुआ था। इस विवाह की भी एक अनोखी कहानी है। मालोजी भोंसले साधारण जागीरदार थे और यादवराव एक बड़े जागीरदार और प्रतिष्ठित व्यक्ति थे, परन्तु इन दोनों वंशों में अपूर्व प्रेम चला आता था। एक बार मालोजी भोंसले अपने बेटे शाह जी के साथ यादवराव के घर गये। उस समय बालिका जीजीबाई अपने पिता यादवराव के पास बैठी थी। दोनों को आते देख कर यादवराव बहुत खुश हुए और हंसते हंसते अपनी छोटी पुत्री जीजीबाई
था। शाह जी का विवाह यादवराव की कन्या जीजीबाई से हुआ था। इस विवाह की भी एक अनोखी कहानी है। मालोजी भोंसले साधारण जागीरदार थे और यादवराव एक बड़े जागीरदार और प्रतिष्ठित व्यक्ति थे, परन्तु इन दोनों वंशों में अपूर्व प्रेम चला आता था। एक बार मालोजी भोंसले अपने बेटे शाह जी के साथ यादवराव के घर गये। उस समय बालिका जीजीबाई अपने पिता यादवराव के पास बैठी थी। दोनों को आते देख कर यादवराव बहुत खुश हुए और हंसते हंसते अपनी छोटी पुत्री जीजीबाई