से पुछने लगे कि क्या! तू शाह जी की स्त्री बनना पसन्द करेगी? जो अन्य लोग वहां पर विद्यमान थे उनको सम्बोधन कर यादवराव ने कहा-’’यह क्या अच्छी जोड़ी है?’’ बस यह बात हुई थी कि मालोजी भोंसले आनन्दित हो कहने लगे कि मित्रों! आप लोग साक्षी है, आज यादवराव ने अपनी कन्या का सम्बन्ध मेरे पुत्र शाह जी से कर दिया-’’ जीजीबाई आज से शाह जी की हो गई।’’ परन्तु यादवराव तुरन्त वचन से फिर गया और इसी बात पर दोनों में अनबन हो गई। इसके कुछ समय
से पुछने लगे कि क्या! तू शाह जी की स्त्री बनना पसन्द करेगी? जो अन्य लोग वहां पर विद्यमान थे उनको सम्बोधन कर यादवराव ने कहा-’’यह क्या अच्छी जोड़ी है?’’ बस यह बात हुई थी कि मालोजी भोंसले आनन्दित हो कहने लगे कि मित्रों! आप लोग साक्षी है, आज यादवराव ने अपनी कन्या का सम्बन्ध मेरे पुत्र शाह जी से कर दिया-’’ जीजीबाई आज से शाह जी की हो गई।’’ परन्तु यादवराव तुरन्त वचन से फिर गया और इसी बात पर दोनों में अनबन हो गई। इसके कुछ समय