से भंयकर तथा नृशंस समझा जाता है। कालेपानी के इन दंडितों मंे से जो भयंकरों में भयंकरतम सिद्व होेते हैं, उन्हें आजन्म कारावास का दंड होता है। उन्हें पहले इलाकों के स्थानीय कारागारों में रखा जाता है, तत्पश्चात् कुछ दिनों बाद उनकी परीक्षा ली जाती है। इसमें जो स्वदेश और स्वसमाज में रखने के अपात्र सिद्व होते हैं, उन्हें उनके संबंधित ठिकानों से ठाणे भेजा जाता है? और वहां इन अपराधियों, जो देश के भयंकर असली बदमाश सिद्व होते हैं,
से भंयकर तथा नृशंस समझा जाता है। कालेपानी के इन दंडितों मंे से जो भयंकरों में भयंकरतम सिद्व होेते हैं, उन्हें आजन्म कारावास का दंड होता है। उन्हें पहले इलाकों के स्थानीय कारागारों में रखा जाता है, तत्पश्चात् कुछ दिनों बाद उनकी परीक्षा ली जाती है। इसमें जो स्वदेश और स्वसमाज में रखने के अपात्र सिद्व होते हैं, उन्हें उनके संबंधित ठिकानों से ठाणे भेजा जाता है? और वहां इन अपराधियों, जो देश के भयंकर असली बदमाश सिद्व होते हैं,