मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

के झुंड को अंदमान भेजने के लिए कुछ दिन तक रखा जाता है। उनके इस अगली यात्रा के लिए होने वाले आगमन को ही हम बंदियों की परिभाषा में ‘चालान’ कहा जाता है। नामी चोर, निर्दयी, खतरनाक डाकू, नृशंस हत्यारे, आग लगानेवाले, उग्र अपराधियों में भी भयानक समझे जानेवाले आदि तमाम


‘सज्जनों’ का समूह आज ठाणे के कारागार में पधार रहा था।

बंदीशाला में इस मेले के आने का दिवस बहुतों को एक उत्सव का दिन प्रतीत होता है; क्यांेकि प्रत्येक बंदी के प्राण इस उकताहट भरे,


127 of 2228

के झुंड को अंदमान भेजने के लिए कुछ दिन तक रखा जाता है। उनके इस अगली यात्रा के लिए होने वाले आगमन को ही हम बंदियों की परिभाषा में ‘चालान’ कहा जाता है। नामी चोर, निर्दयी, खतरनाक डाकू, नृशंस हत्यारे, आग लगानेवाले, उग्र अपराधियों में भी भयानक समझे जानेवाले आदि तमाम


‘सज्जनों’ का समूह आज ठाणे के कारागार में पधार रहा था।

बंदीशाला में इस मेले के आने का दिवस बहुतों को एक उत्सव का दिन प्रतीत होता है; क्यांेकि प्रत्येक बंदी के प्राण इस उकताहट भरे,


127 of 2228