मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

कोई चट्टान सदृश कठोर, कोई भयंकर खूंखार, कोई बलवान, कोई काला कलूटा, बीच-बीच में कहीं दर्शनीय- इस तरह विभिन्न स्वरूप तथा मुद्रा के वे मानव प्राणी। कोई छाती तानकर अकड़ रहा है, कोई दनदनाता हुआ चल रहा है, जैसे कोई महान् पराक्रम करके आ रहा हो, कोई इस तरह हेकड़ी जता रहा है जैसे:नमयतीव गतिर्धरित्रीम्’, तो कोई दुःख भार से शीश झुकाए लज्जा के मारे पानी-पानी होकर घबराते हुए इधर-उधर देखता हुआ। सिपाहियों के नियंत्रण में दो सुनिश्चित


131 of 2228

कोई चट्टान सदृश कठोर, कोई भयंकर खूंखार, कोई बलवान, कोई काला कलूटा, बीच-बीच में कहीं दर्शनीय- इस तरह विभिन्न स्वरूप तथा मुद्रा के वे मानव प्राणी। कोई छाती तानकर अकड़ रहा है, कोई दनदनाता हुआ चल रहा है, जैसे कोई महान् पराक्रम करके आ रहा हो, कोई इस तरह हेकड़ी जता रहा है जैसे:नमयतीव गतिर्धरित्रीम्’, तो कोई दुःख भार से शीश झुकाए लज्जा के मारे पानी-पानी होकर घबराते हुए इधर-उधर देखता हुआ। सिपाहियों के नियंत्रण में दो सुनिश्चित


131 of 2228