मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

‘‘ यदि आप कालेपानी पर नहीं जाना चाहते तो मुझसे जितना भी बन पड़ा, आपको यहीं रखने का अवश्य प्रयास करूंगा।’’ मैंने कहा,‘‘ आपकी सद्भावना के लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं। परंतु मुझे हिंदुस्थान में रखना कदाचित् बंबई के गर्वनर के भी वश की बात नहीं होगी। आप व्यर्थ कष्ट न करंे।’’ उस दिन पंचों के सामने मेरी परीक्षा हो गई। वह परोपकारी अधिकारी भी वहां पर उपस्थित थे ही। मुझे ज्वर था, परंतु रीति के अनुसार मेरा वनज लेकर मुझे कालेपानी


139 of 2228

‘‘ यदि आप कालेपानी पर नहीं जाना चाहते तो मुझसे जितना भी बन पड़ा, आपको यहीं रखने का अवश्य प्रयास करूंगा।’’ मैंने कहा,‘‘ आपकी सद्भावना के लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं। परंतु मुझे हिंदुस्थान में रखना कदाचित् बंबई के गर्वनर के भी वश की बात नहीं होगी। आप व्यर्थ कष्ट न करंे।’’ उस दिन पंचों के सामने मेरी परीक्षा हो गई। वह परोपकारी अधिकारी भी वहां पर उपस्थित थे ही। मुझे ज्वर था, परंतु रीति के अनुसार मेरा वनज लेकर मुझे कालेपानी


139 of 2228