जब तक यह समझ में नहंीं आता कि अधमता भी अपना एक कर्तव्य है-अधम व्यक्ति यही समझते कि इस तरह बीभत्स हुल्लड़बाजी करना अपना परम कर्तव्य है। मन को जब तक यह समझ में नहंीं आता कि अधमता भी अपना एक कर्तव्य है-अधम व्यक्ति सरेआम अधमता नहीं कर सकता। उन बंदियों में अभी भी पानी शेष है और इसलिए इस नंगे नृत्य में बेधड़क हिस्सा लेने का निलर््ाज्ज साहस अभी तक नहीं कर सके थे, चिल्ला-चिल्लाकर कहते, ‘ऐ भाई, गाओ। ऐ साला, चिल्ला न! अरे अपने चालान
जब तक यह समझ में नहंीं आता कि अधमता भी अपना एक कर्तव्य है-अधम व्यक्ति यही समझते कि इस तरह बीभत्स हुल्लड़बाजी करना अपना परम कर्तव्य है। मन को जब तक यह समझ में नहंीं आता कि अधमता भी अपना एक कर्तव्य है-अधम व्यक्ति सरेआम अधमता नहीं कर सकता। उन बंदियों में अभी भी पानी शेष है और इसलिए इस नंगे नृत्य में बेधड़क हिस्सा लेने का निलर््ाज्ज साहस अभी तक नहीं कर सके थे, चिल्ला-चिल्लाकर कहते, ‘ऐ भाई, गाओ। ऐ साला, चिल्ला न! अरे अपने चालान