सहता था और उसी समय यदि मेरी आंखों के सामने मेरे अग्रज को भी, जो मुझे भगवान् सदृश पूज्य है, मुझसे भी अधिक यंत्रनाएं झेलते हुए मुझे देखना पड़ता, सुनना पड़ता तो उस समय मेरी सहनशक्ति ऐसी भरभराती जैसे तूफान में
कोई प्रचंड वटवृक्ष कड़कड़ करता भरभराकर धाराशायी हो जाता है। मेरा कलेजा छलनी हो जाता।
एक विश्वासी अधिकारी से पूछा ‘‘यहां उन्हें कोई कष्ट तो नहीं दिया गया था?’’ उसने कहा, ‘‘वैसे तो नहीं हुआ, पर आपके अभियोगी (अभियोग में जो सह अभियुक्त होते हैं,
सहता था और उसी समय यदि मेरी आंखों के सामने मेरे अग्रज को भी, जो मुझे भगवान् सदृश पूज्य है, मुझसे भी अधिक यंत्रनाएं झेलते हुए मुझे देखना पड़ता, सुनना पड़ता तो उस समय मेरी सहनशक्ति ऐसी भरभराती जैसे तूफान में
कोई प्रचंड वटवृक्ष कड़कड़ करता भरभराकर धाराशायी हो जाता है। मेरा कलेजा छलनी हो जाता।
एक विश्वासी अधिकारी से पूछा ‘‘यहां उन्हें कोई कष्ट तो नहीं दिया गया था?’’ उसने कहा, ‘‘वैसे तो नहीं हुआ, पर आपके अभियोगी (अभियोग में जो सह अभियुक्त होते हैं,