मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

सिपाहियों का बंदूक ताने पहरा सज्ज हो गया और उस पंक्ति को लेकर आगे बढ़ गया। स्टेशन तक वे पैदल चले पंरतु मुझे उसमें सम्मिलित नहीं किया गया। भला ऐसा क्यों? मुझे चिंता होने लगी। इतने में एक मोटर आ गई। दो हट्टे-कट्टे गोरे अधिकारी बाहर निकले। मै। भीतर बैठ गया, फिर वे बै गए और मोटर बंद हो गई। न जाने कैसे पंरतु शहर और स्टेशन पर यह बात फैल गई थी कि मैं आज ही कालापानी प्रस्थान कर रहा हूं। जिस मार्ग से बंदी जाते हैं, उस मार्ग पर मेरा भी दर्शन होगा,


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सिपाहियों का बंदूक ताने पहरा सज्ज हो गया और उस पंक्ति को लेकर आगे बढ़ गया। स्टेशन तक वे पैदल चले पंरतु मुझे उसमें सम्मिलित नहीं किया गया। भला ऐसा क्यों? मुझे चिंता होने लगी। इतने में एक मोटर आ गई। दो हट्टे-कट्टे गोरे अधिकारी बाहर निकले। मै। भीतर बैठ गया, फिर वे बै गए और मोटर बंद हो गई। न जाने कैसे पंरतु शहर और स्टेशन पर यह बात फैल गई थी कि मैं आज ही कालापानी प्रस्थान कर रहा हूं। जिस मार्ग से बंदी जाते हैं, उस मार्ग पर मेरा भी दर्शन होगा,


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