नामचीन क्रांतिकारियों के नाम तो नहीं उगलने लगा। बाद में स्वयं ही कहने लगे,‘‘आपका अनुभव कैसा रहा?’’ मैंने कहा, ‘‘मुझसे अधिक आप लोगों को मद्रास का अनुभव रहा होगा।’’उन्होंने कहा,‘‘मैंने तो मद्रास में सर्वत्र शांति ही देखी।’’ मैंने स्मित करते हुए कहा,‘‘ठीक है न! आप विश्वासपूर्वक कहते हैं कि इधर हर कहीं शांति है?’’ वह समझ गया। वह दूसरा अधिकारी भी मुसकराया। कहने लगा, ‘‘उन्हें सबकुछ ज्ञात होगा। केवल आप उन्हें उकसाने का प्रयास कर रहे हैं और वे आपको उकसा रहे हैं।’’
नामचीन क्रांतिकारियों के नाम तो नहीं उगलने लगा। बाद में स्वयं ही कहने लगे,‘‘आपका अनुभव कैसा रहा?’’ मैंने कहा, ‘‘मुझसे अधिक आप लोगों को मद्रास का अनुभव रहा होगा।’’उन्होंने कहा,‘‘मैंने तो मद्रास में सर्वत्र शांति ही देखी।’’ मैंने स्मित करते हुए कहा,‘‘ठीक है न! आप विश्वासपूर्वक कहते हैं कि इधर हर कहीं शांति है?’’ वह समझ गया। वह दूसरा अधिकारी भी मुसकराया। कहने लगा, ‘‘उन्हें सबकुछ ज्ञात होगा। केवल आप उन्हें उकसाने का प्रयास कर रहे हैं और वे आपको उकसा रहे हैं।’’