मुझे सीधे उसके तलमंजिल पर ले जाया गया। उधर एक बड़ा पिंजरा बनाया गया था, जिसमें लोहे की मजबूत छडे़ं लगाई गई थी। इस जहाज का वह पिंजरा बहुत लंबा किंतू संकरा था, जिसमें कोई बीस-तीस व्यक्तियों को ही रखा जा सकता था। परंतु हेतुपूर्वक वह इस तरह बनाया गया था कि जिसमें आजन्म कारावास के कालेपानी के बंदीवान जानवरों की तरह ठूंसे जाते। उसमें मैंने देखा कि उन बंदियों को, जो ठाणे से आए हैं, ठेलाठेली के साथ ठूंसकर खड़ा किया गया है। मैं मन-ही-मन सोच रहा था,
मुझे सीधे उसके तलमंजिल पर ले जाया गया। उधर एक बड़ा पिंजरा बनाया गया था, जिसमें लोहे की मजबूत छडे़ं लगाई गई थी। इस जहाज का वह पिंजरा बहुत लंबा किंतू संकरा था, जिसमें कोई बीस-तीस व्यक्तियों को ही रखा जा सकता था। परंतु हेतुपूर्वक वह इस तरह बनाया गया था कि जिसमें आजन्म कारावास के कालेपानी के बंदीवान जानवरों की तरह ठूंसे जाते। उसमें मैंने देखा कि उन बंदियों को, जो ठाणे से आए हैं, ठेलाठेली के साथ ठूंसकर खड़ा किया गया है। मैं मन-ही-मन सोच रहा था,