1960! प्ल भर के लिए उसका कुछ भी अर्थ उजागर नहीं हुआ। पल-दो पल में ही उसमें निहित भयंकर अर्थ उजागर हो गया। दंड सन् 1910 में और सन् 1960 में!
ं ं ं ं ं ने निर्मम व्यंग्य से कहा, ’’कोई चिंता नहीं। दयालू सरकार आपको सन् 1960 में अवश्य मुक्त कर देगी।’’
मैंने उपहास में कहा, ’’परंतु मृत्यु अधिक दयालू है। उसने मुझे इसके पूर्व ही मुक्त कर दिया हो?’’ दोनों ही हंसे। वह सहज हंसा और मैं प्रयत्नपूर्वक हंसा। सुपरिटेंडेंट कुछ और चर्चा
1960! प्ल भर के लिए उसका कुछ भी अर्थ उजागर नहीं हुआ। पल-दो पल में ही उसमें निहित भयंकर अर्थ उजागर हो गया। दंड सन् 1910 में और सन् 1960 में!
ं ं ं ं ं ने निर्मम व्यंग्य से कहा, ’’कोई चिंता नहीं। दयालू सरकार आपको सन् 1960 में अवश्य मुक्त कर देगी।’’
मैंने उपहास में कहा, ’’परंतु मृत्यु अधिक दयालू है। उसने मुझे इसके पूर्व ही मुक्त कर दिया हो?’’ दोनों ही हंसे। वह सहज हंसा और मैं प्रयत्नपूर्वक हंसा। सुपरिटेंडेंट कुछ और चर्चा