मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

से निकालकर हवाखोरी के लिए ऊपर के तल्ले पर जब लाया जाता तब साधारण व्यवस्था से अधिक व्यवस्था तथा सुविधापूर्वक व्यवहार किया जाता। इसक संबंध में वे दंडित मुझसे कहते, ‘‘बाबूजी, हमारा अहोभाग्य कि आप हमारे साथ आए। कितना अच्छा हुआ!’’ तब मैं हंसते हुए कहता,‘‘ तो फिर यह अच्छा ही हुआ न कि मुझे दंड मिला।’’

उधर दिन-रात उन बंदियों में मेरी चर्चा छिड़ती और मेरी चर्चा छिड़ते ही, हिंदुस्थान अपना स्वदेश है ं ं ंउसे ं ं ं आदि उस कार्य के


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से निकालकर हवाखोरी के लिए ऊपर के तल्ले पर जब लाया जाता तब साधारण व्यवस्था से अधिक व्यवस्था तथा सुविधापूर्वक व्यवहार किया जाता। इसक संबंध में वे दंडित मुझसे कहते, ‘‘बाबूजी, हमारा अहोभाग्य कि आप हमारे साथ आए। कितना अच्छा हुआ!’’ तब मैं हंसते हुए कहता,‘‘ तो फिर यह अच्छा ही हुआ न कि मुझे दंड मिला।’’

उधर दिन-रात उन बंदियों में मेरी चर्चा छिड़ती और मेरी चर्चा छिड़ते ही, हिंदुस्थान अपना स्वदेश है ं ं ंउसे ं ं ं आदि उस कार्य के


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