मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

किसी-न-किसी काम के बहाने वहां आते जाते मुझे देख रहे थे। डोंगरी का कारागृह मध्य बस्ती में है- ऐसा लगता है, क्यांेकि आस-पास थोड़ी दूर पर ऊंची ऊंची इमारतें तािा घर दिखाई देते हैं। उधर व्यायाम करते समय उन इमारतों और खिड़कियों के पास स्त्री-पुरूशों की भीड़ लग जाती और वे तब तक आपस में खुसर-पुसर करते रहते जब तक मैं अपना व्यायाम समाप्त कर वहां से चला नहीं जाता। पुलिस का आंख बचाकर मैं भी कभी कभी उनके प्रणाम स्वीकार कर प्रति-प्रणाम


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किसी-न-किसी काम के बहाने वहां आते जाते मुझे देख रहे थे। डोंगरी का कारागृह मध्य बस्ती में है- ऐसा लगता है, क्यांेकि आस-पास थोड़ी दूर पर ऊंची ऊंची इमारतें तािा घर दिखाई देते हैं। उधर व्यायाम करते समय उन इमारतों और खिड़कियों के पास स्त्री-पुरूशों की भीड़ लग जाती और वे तब तक आपस में खुसर-पुसर करते रहते जब तक मैं अपना व्यायाम समाप्त कर वहां से चला नहीं जाता। पुलिस का आंख बचाकर मैं भी कभी कभी उनके प्रणाम स्वीकार कर प्रति-प्रणाम


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