के मांस की धज्जियांॅ उड़ जाएं। किसी का मुंह अश्वनुमा, किसी की पूंछ में बिजली जितना शक्तिशाली करंट कि उसके क्रोध से आस-पास विद्युत् के झटके लगें। किसी का मुंह तो मनुष्य के मुख जैसा हालांकि बहुत कम, परंतु विश्वश्नीय यात्रियों ने स्वयं देखकर इसका वर्णन किया था। इस तरह नानाविध सामुहिक प्राणियों का इस द्वीप के रेतीले सागर तट और उसकी लहरों पर स्वच्छंद विहार चलता रहता है।
अंदमान और हिंदुस्थान
इस द्वीपमाला का उल्लेख मार्कोपोलो
के मांस की धज्जियांॅ उड़ जाएं। किसी का मुंह अश्वनुमा, किसी की पूंछ में बिजली जितना शक्तिशाली करंट कि उसके क्रोध से आस-पास विद्युत् के झटके लगें। किसी का मुंह तो मनुष्य के मुख जैसा हालांकि बहुत कम, परंतु विश्वश्नीय यात्रियों ने स्वयं देखकर इसका वर्णन किया था। इस तरह नानाविध सामुहिक प्राणियों का इस द्वीप के रेतीले सागर तट और उसकी लहरों पर स्वच्छंद विहार चलता रहता है।
अंदमान और हिंदुस्थान
इस द्वीपमाला का उल्लेख मार्कोपोलो