एक यंत्र से भली भांति परिचित होते हैं-वह है उनका पांच-छह फीट लंबा धनुष। उनका शरसंधान अचूक होता है। इस तीर-कमान के बलबूते ही उन्होंने अपनी स्वतंत्रता अक्षुण्ण रखी है। भले ही अब बंदूकों तथा हवाई जहाजों के सामने उसका निभना असंभव है, परंतु उनके धनुष के कारण ऐसे साधन होने के बावजूद अंगे्रज उन्हें सहजता से नहीं जीत सके। कई बार जंगलों से गुपचुप आगे बढ़कर सरकारी छावनियों, चैकियों अथवा
अकेले बंदियों पर छापामारी करके वे नौ-दौ-ग्यारह हो जाते,
एक यंत्र से भली भांति परिचित होते हैं-वह है उनका पांच-छह फीट लंबा धनुष। उनका शरसंधान अचूक होता है। इस तीर-कमान के बलबूते ही उन्होंने अपनी स्वतंत्रता अक्षुण्ण रखी है। भले ही अब बंदूकों तथा हवाई जहाजों के सामने उसका निभना असंभव है, परंतु उनके धनुष के कारण ऐसे साधन होने के बावजूद अंगे्रज उन्हें सहजता से नहीं जीत सके। कई बार जंगलों से गुपचुप आगे बढ़कर सरकारी छावनियों, चैकियों अथवा
अकेले बंदियों पर छापामारी करके वे नौ-दौ-ग्यारह हो जाते,