वासुदेव बलवंत के राज्यक्रांति कार्य में भाग लेने वाले साथयों को भी अंदमान के लिए ही रखाना किया गया था। हमें इस बात का पता चल ही गया था कि उनमें से एक-दो हमारे जाने के बाद आगे-पीछे मुक्त हो चुके थे। बंबई के हिंदु-मुस्लिम दंगा-फसादों में दंड प्राप्त कुछ हिंदू उधर ही थे। मणिपुर की राज्यक्रांति में हिस्सा लेनेवालों को भी उधर ही भेजा गया था। उनमें से उनके राजवंश के लोगों को एक सीमित भूखंड पर काफी हद तक स्वतंत्र रूप से घर
वासुदेव बलवंत के राज्यक्रांति कार्य में भाग लेने वाले साथयों को भी अंदमान के लिए ही रखाना किया गया था। हमें इस बात का पता चल ही गया था कि उनमें से एक-दो हमारे जाने के बाद आगे-पीछे मुक्त हो चुके थे। बंबई के हिंदु-मुस्लिम दंगा-फसादों में दंड प्राप्त कुछ हिंदू उधर ही थे। मणिपुर की राज्यक्रांति में हिस्सा लेनेवालों को भी उधर ही भेजा गया था। उनमें से उनके राजवंश के लोगों को एक सीमित भूखंड पर काफी हद तक स्वतंत्र रूप से घर