का जनसमूह भारतीय हो गया है। परंतु निकोबर में ब्रह्मी और मलाया संस्कृति तथा समाज से हमेशा के लिए वंचित हो गया है। आजकल अंदमान में भी कुछ हद तक दंडितों को भेजना बंद होने के कारण हमें यह आशंका हो रही है कि उधर भी भारतीय बस्ती समाप्ति की ओर लगती है और इसीलिए इस विषय से संबंधित पूर्वापर के दोषों को आॅंचल में बांधकर भी इस महत्तवपूर्ण बात पर विचार करने के लिए हम यहीं पर चार शब्द लिखना आवश्यक समझते हैं।
टंदमान में कुछ अंशों
का जनसमूह भारतीय हो गया है। परंतु निकोबर में ब्रह्मी और मलाया संस्कृति तथा समाज से हमेशा के लिए वंचित हो गया है। आजकल अंदमान में भी कुछ हद तक दंडितों को भेजना बंद होने के कारण हमें यह आशंका हो रही है कि उधर भी भारतीय बस्ती समाप्ति की ओर लगती है और इसीलिए इस विषय से संबंधित पूर्वापर के दोषों को आॅंचल में बांधकर भी इस महत्तवपूर्ण बात पर विचार करने के लिए हम यहीं पर चार शब्द लिखना आवश्यक समझते हैं।
टंदमान में कुछ अंशों