में ‘शोअर पाॅइंट’ का ‘सुवरपेठ’ रूपांतर हो गया है। ‘इडाॅस पाॅइंट’ का दंडापेठ। उसी गोकुलावन् बाराटाॅंग, कालाटांग आदि नामकरण भी श्रवणीय हैं। अज्ञात बातें वस्तुओं के स्वभाव से ही ज्ञात होती हैं, ऐसे ही अज्ञात शब्द भी भाषाशस्त्र में ज्ञात वस्तुओं के स्वभाव के आधार से ही उच्चारित होने की जो सहज प्रवृत्तिा होती है, उसका एक मनोरंजन उदाहरण है। बिना किसी साधारण संकेत के उन अंगे्रजी शब्दों के रूपांतर को अपने आप ही भारतीय मुखों द्वारा हिंदीत्व प्राप्त हो गया है।
में ‘शोअर पाॅइंट’ का ‘सुवरपेठ’ रूपांतर हो गया है। ‘इडाॅस पाॅइंट’ का दंडापेठ। उसी गोकुलावन् बाराटाॅंग, कालाटांग आदि नामकरण भी श्रवणीय हैं। अज्ञात बातें वस्तुओं के स्वभाव से ही ज्ञात होती हैं, ऐसे ही अज्ञात शब्द भी भाषाशस्त्र में ज्ञात वस्तुओं के स्वभाव के आधार से ही उच्चारित होने की जो सहज प्रवृत्तिा होती है, उसका एक मनोरंजन उदाहरण है। बिना किसी साधारण संकेत के उन अंगे्रजी शब्दों के रूपांतर को अपने आप ही भारतीय मुखों द्वारा हिंदीत्व प्राप्त हो गया है।